1. DOS ATTACK - इसका पूरा नाम है "Deniel of service Attack" . इस अटैक का प्रयोग कर हैकर किसी के भी वेबसाइट या सर्वर में बहुत सारे fake traffic भेज कर उस वेबसाइट या सर्वर को क्रैश कर देते है जिससे कि वह वेबसाइट open नहीं हो पाती।
2. DDOS ATTACK - DDOS अटैक DOS का ही विस्तृत रूप है, इसका पूरा नाम "Distributed deniel of service" है। लेकिन इस अटैक में किसी वेबसाइट या सर्वर को क्रैश करने के लिए एक से ज्यादा मशीन्स का प्रयोग किया जाता है।
3. SOCIAL ENGINEERING ATTACK - इस अटैक में Attacker टारगेट ह्यूमन की सारी जानकारी उससे मिलकर प्राप्त की जाती है ,इस अटैक में guess करके भी हैकर के द्वारा victum को हैक कर लिया जाता है। हैकिंग का यह अटैक बहुत ही कारगर माना जाता है क्योकि एक मशीन से जानकारियां निकलने से कही ज्यादा आसान होता है किसी इंसान से बात करके उसकी जानकारी निकलना।
4. VPN (virtual Private network ) - VPN का पूरा नाम virtual private network होता है। vpn का यूज़ करके यूजर किसी वेबसाइट को एक्सेस कर सकता है , vpn user को एक नई ip address प्रोवाइड कराता है। vpn का use इंटरनेट पर अपनी पहचान को छुपाने के लिए भी किया जाता है और साथ ही साथ महत्वपूर्ण जानकारियों को हैकर्स से बचाकर कही भेजने के लिए भी इसका यूज़ किया जाता है।
5 . Keylogger - keylogger एक ऐसा सॉफ्टवेयर होता है जो हैकर्स के द्वारा बनाया जाता है , यह सॉफ्टवेयर एक बार विक्टम के कंप्यूटर में इनस्टॉल कर देने के बाद victum (Target) की वह सारी information जो target के द्वारा अपने कीबोर्ड से टाइप की जाती है उन्हें हैकर्स को भेजता रहता है। वैसे keylogger hardware and software दोनों में ही मिलता है।
6 . Root - Root से मतलव high permission से होता है , जिस भी व्यक्ति को किसी भी computer या mobile में Root permission मिल जाए वह उसमे किसी भी प्रकार की modifications कर सकता है। जयादातर हैकर्स हमेशा Rooted phone ही यूज़ करते है ताकि वो उससे हैकिंग कर सके।
7 .Adware - यह एक ऐसा सॉफ्टवेयर होता है जो किसी सॉफ्टवेयर में user को advertisment दिखाने का काम करता है, यह Banner ads etc . दिखाने का काम करता है।
दोस्तों उम्मीद है आपको ये पोस्ट पसंद आयी होगी अगर आपके कोई सवाल है किसी भी टॉपिक पर पोस्ट चाहते हैं तो नीचे कमेंट करें मैं उस पर पोस्ट जरूर लिखूंगा।
5 . Keylogger - keylogger एक ऐसा सॉफ्टवेयर होता है जो हैकर्स के द्वारा बनाया जाता है , यह सॉफ्टवेयर एक बार विक्टम के कंप्यूटर में इनस्टॉल कर देने के बाद victum (Target) की वह सारी information जो target के द्वारा अपने कीबोर्ड से टाइप की जाती है उन्हें हैकर्स को भेजता रहता है। वैसे keylogger hardware and software दोनों में ही मिलता है।
6 . Root - Root से मतलव high permission से होता है , जिस भी व्यक्ति को किसी भी computer या mobile में Root permission मिल जाए वह उसमे किसी भी प्रकार की modifications कर सकता है। जयादातर हैकर्स हमेशा Rooted phone ही यूज़ करते है ताकि वो उससे हैकिंग कर सके।
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